Saturday, 21 November 2015

Best tips for computer in hindi बेस्ट कंप्यूटर टिप्स इन हिदी

Computer Tips in  hindi
Computer tips in hindi


यदि आपने अभी हाल ही में नया कम्प्यूटर (Computer) लिया है और आप भी कम्प्यूटर (Computer) के लिये नये हैं, तो आप उसके रखरखाव को लेकर परेशान भी होगें। अगर आप चाहते हैं कि आपका कम्प्यूटर (Computer) लम्‍बे समय तक आपका साथ दे और वह जल्‍दी खराब न हो तो आपको कुछ टिप्‍स अपनाने होगें, जिससे आपका कीमती कम्प्यूटर (Computer) लम्‍बे समय तक आपका साथ देगा। याद रखिये कम्प्यूटर (Computer) भी हमारा साथ तभी देगा, जब हम उसका ख्‍याल रखेंगे। तो आइये जानते है कम्प्यूटर (Computer) के लिये एडवांस सिस्‍टम केयर टिप्‍स -

Best tips for computer in hindi

Ø  अगर आप  Internet इस्तेमाल करते हैं, तो लैपटॉप में एक अच्‍छा Anti-Virus डालकर रखें, जिससे वह Virus से सुरक्षित रह सके। अगर आप Professional काम करते हैं, तो फ्री Anti-Virus ना डालें, यह अच्‍छे प्रकार से काम नहीं करते हैं।
Ø  कम्प्यूटर (Computer) पर काम करते समय ध्यान रखे की कभी पानी का गिलास, या चाय/काफी का कप या किसी भी प्रकार का तरल पदार्थ Fluid पास न रखें, क्‍यों कि अगर गलती से भी की-बोर्ड के उपर गिर गया तो Keyboard को खराब कर सकता है।    
Ø  कम्प्यूटर (Computer) को बार-बार Format न करें, ऐसा करने से आपकी Hard Disk खराब या कमजोर हो सकती है। 
Ø  कम्प्यूटर (Computer) से अगर अच्‍छी Performance लेनी है, तो गैर जरूरी Software ना डालें, केवल काम के ही Software का इस्तेमाल करें।
Ø  कम्प्यूटर (Computer) को कूलर वाले कमरे में ना रखें, असल में जब आप कमरा बन्‍द कर कूलर को चलाते हो, तो कमरे में नमी(moisture) बन जाता है, जिससे आपके कम्प्यूटर (Computer) के मदरबोर्ड, पावर सप्‍लाई आदि पर जम जाते हैं, सबसे ज्‍यादा खतरा आपके एल0सी0डी0 को होता है, एल0सी0डी0 पर नमी(moisture) के कारण काले धब्‍बे बन जाते हैं, जो धीरे धीरे आपकी LCD को पूरी तरह से खराब कर सकते हैं।
Ø  जितना हो सके कम्प्यूटर (Computer) को धुल  (Dust) से जरूर बचायें, धूल चिप और आईसी पर जम जाती है, जिससे वह ठंडे नहीं रह पाते हैं, और गर्म होकर खराब हो जाते हैं तथा Keyboard के बटन के अन्दर धूल जाने से Keyboard भी जल्‍दी खराब हो जाता है, या उसके बटन जाम हो जाते है, आपके DVD Rom को भी धूल Disservice पहॅुचा सकती है, उसके आपके CD Drive के  Lens पर धूल के जाने से Lens खराब हो सकता है या DVD Rom/writer जाम हो सकता है।
Ø  UPS को कभी भी पूर्ण Discharge न होने दें, इससे आपके  UPS की Battery जल्‍दी खराब हो सकती है।
Ø  पायरेटिड software और गेम का इस्तेमाल न करें, इससे भी आपके कम्प्यूटर (Computer) को खराब रहने का खतरा रहता है।
Ø  कम्प्यूटर (Computer) को कभी भी सीधे पावर बटन से बन्‍द ना करें, सीधे और बार बार बन्‍द करने से आपकी हार्डडिस्‍क पूरी तरह से खराब हो सकती है। कम्प्यूटर (Computer) को हमेशा शटडाउन ही करें।
Ø  कम्प्यूटर (Computer) चलाने के लिये हल्‍की फुल्‍की ट्रेनिंग अवश्‍य ले लें, अन्‍यथा अलग तरीके से इस्‍तेमाल करने से आप खुद ही कम्प्यूटर (Computer) को खराब कर सकते हैं।

Ø  कम्प्यूटर (Computer) को बन्‍द करने के बाद अगर हो system को (Cotton ) सूती कपडे के ढक दें, जिससे हवा का आवागमन बना रहे।

Saturday, 19 September 2015


शिक्षा का अधिकार सब केलिए बराबर है 


किसी भी समुदाय या समाज की तरक्की तब तक संभव नही हो सकती जब तक की उसमे बृहत रूप से एकता ओर संगठनात्मक रूप से मजबूती नहीं आ जाती. अब यह बेसिक प्रश्न ये है कि यह सब कैसे संभव हो सकता है, और यह संभव होगा भी या नहीं. सिर्फ शिक्षा के लगातार बढ़ते हुए और क्रमबद्ध विकास से यह संभव है. शिक्षा वह साधन है  जो समाज को केवल शिक्षित ही नहीं करती बल्कि व्यक्ति के  पूर्ण आत्मीय विकास में भी अहम योगदान निभाती है. आज शिक्षा का अर्थ केवल साक्षरता से लिया जाता है, राज्य ओर देश के विकास को साक्षरता की कसोटी पर खरा नापा जाता है . जब वो स्वयं को  आत्मीक रुप से उन्न्त होगा वह पक्के  तौर पर देश  को भी उन्नति के मार्ग पर ले जा सकता है |

हमारे समाज मे सामाजिक रूप से प्रतिष्ठा के बाद भी शिक्षा की मूलभूत चरित्र काफी पिछड़ी हुई है, और जो हमे कही ना कही काफी हद तक हर एक मामले पीछे धकेलती है|
अतः आप सभी भाइयो से अनुरोध करता की हम अपने आस-पास जितना ज्यादा हो सके शिक्षा की जागरूकता और लोंगो को शिक्षित करने के लिए काम करते रहे |

आज  जब नौकरी की बात होती है तो सभी लोग सरकारी नौकरी पाना चाहते हैं यहाँ तक की वह  दामाद भी सरकारी ही चाहते हैं, लेकिन वहीं लोग अपने बच्चे को सरकारी स्कूल में नहीं पढ़ाना चाहते. आख़िर ऐसा क्यों है? ऐसा क्या है कि एक साधारण टैक्सी चलाने वाले से लेकर एक उधोगपति  तक, सभी अपने बच्चे को प्राइवेट विद्यालय में ही पढ़ाना चाहते हैं.

पिछले कुछ सालों से गैर सरकारी (प्राइवेट) विद्यालयों की बाढ़ सी आ गयी है. लेकिन फिर भी इन विद्यालयों मे एडमिशन लेना किसी जंग लड़ने जैसा ही होता है. लोग ज्यादा से ज्यादा फीस और डोनेशन देकर भी इन गैर सरकारी विद्यालयों मे अपने बच्चों को पढ़ाना चाहते है . आख़िर ऐसा क्या बात है इन स्कूलों में ? आज मुंबई जैसे बड़े शहर में महानगर पालिका द्वारा चलाये जाने वाले स्कूलों में बच्चों को आकर्षित करने के लिए जहाँ अनेक प्रकार की लुभावनी सामग्री जैसे किताबें, स्कूल बैग, गणवेश इत्यादि मुफ़्त दिए जातें हैं और फिर भी इन स्कूलों मे बच्चो की संख्या दिन प्रतिदिन कम होती जा रही है , और वहीं पर गैर सरकारी और एन. जी. ओ. के स्कूलों की तादात बढ़ती जा रही है.

जो पैसेवाले लोग  हैं वे तो डोनेशन देकर, और कुछ हैं जो कहीं से भी इंतज़ाम करके किसी तरह निजी स्कूलों मे अपने बच्चे का एडमिशन ले लेते हैं और जो ग़रीब हैं वे लोग महानगर पालिका के स्कूलों की बजाय एन.जी.ओ. के स्कूलों में बच्चों को पढ़ाना पसंद करते है. क्योंकि सभी माँ बाप अपने बच्चे को अच्छी से अच्छी शिक्षा देना चाहते हैं. और अगर यही हाल रहा तो कुछ समय बाद ही महानगर पालिका के स्कूलों का अस्तितव ही ख़त्म हो जाएगा. और कहीं कहीं तो महानगर पालिका के स्कूलों में ही एन. जी. ओ. को स्कूल चलाने की अनुमति दे दी गयी है आर्थात महानगर पालिका स्वयं अपनी जड़े काटने पर तुली हुई है.

हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा आया फ़ैसला स्वागत योग्य है. क्योंकि शिक्षा, जो कि हर एक बच्चे का मूलभूत अधिकार है उस पर राजनीति होना देश और समाज के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना है. यही वजह है कि आज लोग स्कूल को एक व्यवसाय की तरह चला रहें हैं जहाँ स्कूल प्रबंधन का बच्चों की पढ़ाई पर तो ध्यान कम रहता है लेकिन किताबों, अक्टिविटी फीस और एजुकेशनल टूर के नाम पर अभिभावकों से मोटी रकम ली जाती है. स्कूल मे मूलभूत सुविधाओं पर प्रबंधन का ध्यान नहीं होता है और आज भी ऐसे स्कूल है जहाँ बच्चों को खेलने के लिए मैदान नहीं हैं फिर भी ऐसे स्कूलों को मान्यता मिली हुई है.


अब समय आ गया है कि, देश भर के सभी स्कूलों मे एक समान शिक्षा पद्धति लागू की जाय और सभी स्कूलों कक्षा एक से दसवीं तक की पढ़ाई निशुल्क दी जाय. और सरकारी व महानगर पालिका के स्कूलों का प्रबंधन को दुरुस्त करके नयी और योग्य पद्धति लागू की जाए ताकि जिससे कि बच्चों का सर्वान्गिण विकास हो सके.

गूगल AdSense से आप   आसानी से पैसे कम सकतें हैं |






गूगल AdSense , Bloggers द्वारा use किया जाने वाला सबसे बढ़िया monetization technique है, फिर भी यह नये लोगों के लिए हमेशा समस्या  बना रहता है। इसका dashboard बहुत आसान है और इसे समझने के लिए कई help pages भी मौजूद है, इसके बावजूद इसके sign up करने, Account Approve होने , account ban हो जाने , optimization और दूसरी चीजों को लेकर दिमाग  में हमेशा प्रश्न उठते रहते हैं।

ये बात सच है कि AdSense एक Plug-and-play advertising network है, लेकिन इसकी संभावनाओं का सही से लाभ लेने के लिए यह जरूरी है कि आप इसके बारे में ज्यादा से ज्यादा जाने। जिससे आप ज्यादा पैसे कमा सकेगें, वो भी बिना किसी लगत के |

क्या आप जानते हैं कि गूगल AdSense भारत में कैसे Payment करता है? क्या वे check से Payment करते हैं या डायरेक्ट आपके बैंक में या फिर EFT से?”

AdSense अलग-अलग देशों में अलग-अलग तरीके से Payment करता है। वे EFT Transfer या  Check से और Western Union Quick Cash से भी Payment करते हैं। खासतौर पर भारत  और Pakistan जैसे देशों में US. और  U.K. जैसे देशों की तरह AdSense Account approve होना easy नहीं है। भारत  में ऐसा जाली और नकली  AdSense Account का issue होने के कारण है।

इस Post को लिखते समय(July 2015) भारत  में, Adsense EFT से Payment  करता है। वे आपकी earnings को रुपया  में बदल कर करते हैं औऱ फिर Payment करते हैं। सामान्यतया, AdSense की डॉलर का  रुपया में  conversion rate high है, इसलिए आपके लिए यह एक issue नहीं बनेगा।

AdSense team कई देशों में Payment option को increase कर रही है और उन्होंने पहले ही भारत n publishers के लिए EFT Payment option को add कर दिया है।

गूगल AdSense भारत  में किस तरह Payment करता है?

 अगर आप New AdSense user है तो यहां कुछ बातें दी गई है जो आपको ध्यान  में रखनी होगी:

Sign up करते समय अच्छे से चेक करे की सभी एकदम सही  है।
आपका नाम वहीं डाले जो आपके बैंक अकाउंट में लिखा है। आपके AdSense Check पर नाम  और आपके अकाउंट में नाम दोनों एक ही होना चाहिए।
Sign up करते समय आपने जो address दिया है उस पर AdSense एक PIN आपके घर पर भेजेगा। यह Payment से पहले एक तरह से address verification की तरह काम करेगा।
AdSense EFT Payment के साथ, आप दूसरे Payee के नाम  से भी Payment receive कर सकते हैं।
AdSense जल्दी ही AdSense publishers के लिए telephone support भी शूरू करने   testing चल रही है। (June 2014)
आप AdSense Payment policies के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए Official guide भी पढ़  सकते है।
आप दिए गए month की 20 तारीख तक Payment preference update कर सकते हैं।
आप Payment की कम से कम  भुगतान सीमा भी set कर सकते हैं औऱ यह 100$ से ज्यादा होने चाहिए तभी आप पेमेंट ले सकतें हैं ।
आप official AdSense भारत  Payment page पर मौजूद जानकारी का एक अंश नीचे भी पढ़ सकते हैं।

भारत  में AdSense publishers local courier service Blue Dart के माध्यम से  standard delivery Check हासिल करेगें, जिसका कोई अलग से चार्ज  नहीं लगेगा। Blue Dart की ओर से भेजे गए checks, check date के 10 से 30 दिनों के अंदर पहुंच जाने चाहिए। Blue Dart पूरे भारत  में service देने में सक्षम नहीं है। इसलिए अगर आप ऐसी जगह  पर रहते हैं जहां इसकी service नहीं देते, तो फिर आपके check Registered post के द्वारा भेजे जाएंगे औऱ यह mailing date के 2 से 3 सप्ताह  के अंदर पहुंच जाने चाहिए।

यदि आप issue होने के बाद भी  Payment receive नहीं कर पाये है तो आप यह form भरकर दोबारा issue करवाने की request भी डाल सकते हैं।


मैं आशा करता हूं कि इस post ने गूगल AdSense भारत  Payments  से जुड़े सभी सवालों के जवाब दे दिए होगें। लेकिन फिर भी आपकों कोई सवाल है तो comment कर पूछने के लिए आजाद है। और अगर पोस्ट अच्छा लगा हो तो ये दुसरो को भी जरूर बताये |